Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
8 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ का वजन और हाइट कितनी होनी चाहिà¤?
आठवें महीने में बेबी गरà¥à¤² का सामानà¥à¤¯ वजन 6.9 किलो से 8.9 किलो और लंबाई करीब 68.7 सेंटीमीटर तक होती हैं। वहीं, बेबी बॉय का वजन 7.5 किलो से 9.8 किलो और लंबाई करीब 70.6 सेंटीमीटर तक होती है (1)। इनके अलावा, à¤à¤• बात का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना à¤à¥€ जरूरी है कि शिशà¥à¤“ं का शारीरिक विकास इस पर निरà¥à¤à¤° करता है कि जनà¥à¤® के समय उसका वजन कितना था। जनà¥à¤® के 5 महीने बाद उसका वजन बरà¥à¤¥ वेट से दोगना हो जाता है। साथ ही à¤à¤• साल बाद यह वजन तिगà¥à¤¨à¤¾ हो जाता है। साथ ही जब à¤à¥€ आप शिशॠको चेकअप के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास लेकर जाà¤à¤‚, तो उसके वजन व हाइट को जरूर नोट करें और इसका à¤à¤• चारà¥à¤Ÿ बनाà¤à¤‚।
8 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के विकास के लिठमाइलà¥à¤¸à¤Ÿà¥‹à¤¨
बचà¥à¤šà¥‡ जैसे माहौल में बड़े होते हैं, उनका सà¥à¤µà¤à¤¾à¤µ और बोलचाल à¤à¥€ वैसी ही होती है। शिशॠजनà¥à¤® के बाद हर महीने शारीरिक, मानसिक व à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• रूप से विकसित होता हैं। इसलिà¤, नीचे हम 8 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ की गतिविधियों और विकास के माइलà¥à¤¸à¤Ÿà¥‹à¤¨ के बारे में जानकारी दे रहे हैं।
मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• विकास
छिपी हà¥à¤ˆ वसà¥à¤¤à¥à¤“ं की खोज करना : 8 महीने के शिशॠके मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• का इतना विकास हो जाता है कि वह छà¥à¤ªà¥€ हà¥à¤ˆ वसà¥à¤¤à¥à¤“ं
को à¤à¥€ ढूंढने की समठरखने लगता है। अगर शिशॠको कोई वसà¥à¤¤à¥ दिखाकर छà¥à¤ªà¤¾ दिया जाà¤, तो वो उसे ढूंढने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करते हैं। अकà¥à¤¸à¤° बचà¥à¤šà¥‡ के साथ खेल-खेल में मां छà¥à¤ª जाती है, तो शिशॠउसे à¤à¥€ ढूंढने की कोशिश करते हैं (2)।
दरà¥à¤ªà¤£ की छवियों को समà¤à¤¨à¤¾ : जब शिशॠ8 महीने का होता है, तब उसके मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• का इतना विकास हो गया होता है कि वह दरà¥à¤ªà¤£ में छवियों को समà¤à¤¨à¥‡ लगता है (2)।
आवाज के बीच अंतर समà¤à¤¨à¤¾ : शिशॠ8 महीने के होने तक आवाज को पहचानना या अंतर करना सीख जाते हैं। वह अपनों की आवाज सà¥à¤¨à¤•र ही उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पहचान लेता है (2)।
शारीरिक विकास
खड़े होने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करना : शिशॠजब 8 महीने का हो जाता है, तो वह खड़े होने की कोशिश करता है। (2)।
पलटी मारना : शिशॠखेलते समय बिसà¥à¤¤à¤° पर पलटी मारना सीख जाते हैं। शिशॠका इस तरह से करना अकà¥à¤¸à¤° माता-पिता के चेहरे पर खà¥à¤¶à¥€ ला देता है (2)।
बिना सहारे के बैठना : अब शिशॠधीरे-धीरे बिना सहारे के बैठने की कोशिश करते हैं। पहले वह हाथों से सहारा लेकर बैठता है और बीच में कà¥à¤› देर के लिठबिना सहारे के बैठजाता है, लेकिन वह à¤à¤¸à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देर तक नहीं कर पाता (2)।
वसà¥à¤¤à¥à¤“ं को पकड़ना : 8 महीने के शिशॠवसà¥à¤¤à¥à¤“ं और खिलौनों को मजबूती से पà¥à¤¨à¤¾ सीख जाते हैं। इस समय तक उनके हाथों की पकड़ मजबूत हो जाती है (2)। इस समय शिशà¥à¤“ं में पालà¥à¤®à¤° गà¥à¤°à¥ˆà¤¸ (किसी à¤à¥€ चीज को हलà¥à¤•े से पकड़ना) से पिनर गà¥à¤°à¥ˆà¤¸ (चीज को अंगूठे व उसके साथ वाली उंगली से पकड़ना) तक का विकास हो जाता है।
खिलौनों का उपयोग करना : जब शिशॠकिसी वसà¥à¤¤à¥ को देखता है, तो उसे पकड़ने की कोशिश करता है। 8 महीने के होने तक शिशॠको किसी à¤à¥€ वसà¥à¤¤à¥ को पकड़ने की समठआ जाती है (2)।
सामाजिक और à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• विकास
à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं को वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करना : शिशॠअपने लिठबन रहे à¤à¥‹à¤œà¤¨ को देखकर या नहाने के समय पानी को देखकर हंसी के जरिठअपनी उतà¥à¤¸à¥à¤•ता को जाहिर कर सकता है (2)।
पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ देना : माता-पिता जब शिशॠके साथ खेलते हैं, तो वह खà¥à¤¶ होने पर हंसकर और चिड़चिड़ाने पर रोकर अपनी à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं को पà¥à¤°à¤•ट करता है (2)।
समूह में खेलने से खà¥à¤¶ होना : शिशॠको अपनी उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के साथ खेलने या माता-पिता और रिशà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° के साथ समूह में खेलने से आनंद मिलता है (2)।
उसके नाम पर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ देना : 8 महीने के होने तक उसे समठमें आने लगता है कि उसे उसके नाम से पà¥à¤•ारा जा रहा है। वह नाम पà¥à¤•ारने पर अपने अनà¥à¤¸à¤¾à¤° पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ देता है (2)।
8 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ को कौन-कौन से टीके लगते हैं?
शिशॠके अचà¥à¤›à¥‡ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठउसे समय-समय पर टीके लगाने जरूरत होती है, ताकि वह सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ और सेहतमंद रहे। नीचे हम बता रहे हैं कि 8 महीने के शिशॠके लिठकौन-कौन से टीके जरूरी होते हैं (3):
à¤à¤šà¤¬à¥€à¤µà¥€ की तीसरी खà¥à¤°à¤¾à¤•, जिसे शिशॠके 6 महीने का होने के बाद दिया जा सकता है।
आईपीवी की तीसरी खà¥à¤°à¤¾à¤•, यह खासकर शिशॠके 3 महीने होने के बाद दी जाती है।
फà¥à¤²à¥‚ वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ 6 से 7 महीने के शिशॠको दी जाती है।
मेनिंगोकोकल वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ à¤à¥€ दी जाती है।
नोट: शिशॠके जनà¥à¤® के बाद माता-पिता को टीकाकरण का चारà¥à¤Ÿ दिया जाता है। उस चारà¥à¤Ÿ में किस उमà¥à¤° में कौन सा टीका लगना है, इसकी जानकारी दी जाती है। फिर à¤à¥€ टीकाकरण से पहले शिशॠविशेषजà¥à¤ž से सलाह जरूर लें।
आगे हम बता रहे हैं कि 8 महीने के शिशॠऔसतन कितना दूध पी सकते हैं।
8 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के लिठकितना दूध आवशà¥à¤¯à¤• है?
जनà¥à¤® के बाद मां का दूध शिशॠके लिठसबसे जरूरी होता है। शिशॠको परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में दूध मिलने से वह सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ और फà¥à¤°à¥à¤¤à¥€à¤²à¤¾ होता है। जनà¥à¤® के बाद जैसे-जैसे शिशॠबड़ा होने लगता है, उसकी दूध पीने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ à¤à¥€ बà¥à¤¨à¥‡ लगती है। वहीं, 8 माह का होते-होते वह ठोस आहार à¤à¥€ लेना शà¥à¤°à¥‚ कर देते हैं, इसलिठयह हर शिशॠकी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ पर निरà¥à¤à¤° करता है कि वह कितना दूध पीता है। साथ ही शिशॠके 6 माह का होने के बाद सिरà¥à¤« दूध ही काफी नहीं होता है। उसे अनà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ देना à¤à¥€ जरूरी है।
मां का दूध : 8 महीने के शिशॠपà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ औसतन 946 मिलीमीटर दूध पी सकते हैं (4)। आप शिशॠको 24 घंटे में 6-8 बार दूध पिला सकते हैं।
फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध : कà¤à¥€-कà¤à¥€ किसी कारण से शिशॠको फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध à¤à¥€ पिलाना पड़ जाता है। à¤à¤¸à¥‡ में उसे पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ लगà¤à¤— 946 मिलीलीटर तक फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध पिलाया जा सकता है (4)।
: हर शिशॠकी दूध पीने की मातà¥à¤°à¤¾ कम या जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो सकती है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• शिशॠके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ पर निरà¥à¤à¤° करता है।
आइà¤, अब जानते हैं कि 8 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के लिठकितना खाना आवशà¥à¤¯à¤• है।
8 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के लिठकितना खाना आवशà¥à¤¯à¤• है?
यहां हम बता रहे हैं कि 8 महीने के शिशॠको किस खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ की मातà¥à¤°à¤¾ कितनी देनी चाहिठ(5)। साथ ही बता दें कि यह मातà¥à¤°à¤¾ शिशॠकी à¤à¥‚ख के आधार पर कम या जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो सकती है (6)।
खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ मातà¥à¤°à¤¾
दूध बचà¥à¤šà¥‡ को पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ 4 बार सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करा सकते है।
अनाज (शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में शिशॠको सेरलक देना बेहतर रहेगा) पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ 2-3 चमà¥à¤®à¤š तक दो से तीन बार दे सकते हैं।
हरी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ 3- 4 चमà¥à¤®à¤š तक सबà¥à¤œà¥€ दे सकते हैं। à¤à¤¸à¤¾ दिन में दो बार कर सकते हैं।
फल करीब 3-4 चमà¥à¤®à¤š तक फल खिला सकते हैं। इतना दिन में दो बार दे सकते हैं।
मांस 2 से 3 चमà¥à¤®à¤š तक खिला सकते हैं।
8 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के लिठकितनी नींद आवशà¥à¤¯à¤• है?
8 महीने के शिशॠ24 घंटे में लगà¤à¤— 12 से 14 घंटे सो सकते हैं। इसमें दिन में 2-3 बार à¤à¤ªà¤•ी लेना à¤à¥€ शामिल है। जो 8 माह के शिशॠमां का दूध पीते हैं, वो à¤à¥‚ख लगने पर रात को उठसकते हैं (7)।
नोट: जिस तरह हर शिशॠकी दूध की खà¥à¤°à¤¾à¤• में अंतर होता है, वैसे ही शिशॠके सोने के समय में à¤à¥€ अंतर हो सकता है।
आगे के à¤à¤¾à¤— में हम शिशॠके खेल और गतिविधियों के बारे में जानकारी देंगे।
8 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के लिठखेल और गतिविधियां
शिशॠ8 महीने का होने पर बेहतर तरीके से खेलने लगता है। यहां हम बता रहे हैं कि वह कà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤¯à¤¾ कर सकता है :
8 महीने के शिशॠको जब नहलाया जाता है, तब वह पानी में हाथ-पैर चलाने लगता है। हर शिशॠको à¤à¤¸à¤¾ करना अचà¥à¤›à¤¾ लगता है।
छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को गेंद से खेलना सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पसंद होता है। वो गेंद को पकड़ने और फेंकने की कोशिश करते हैं।
8 महीने के शिशॠअपने उमà¥à¤° के अनà¥à¤¯ शिशॠके साथ बात करने की कोशिश करते हैं।
जब इस उमà¥à¤° के शिशॠगाने या मà¥à¤¯à¥‚जिक सà¥à¤¨à¤¤à¥‡ हैं, तो नाचने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करते हैं। कà¥à¤› शिशॠतो अजीब-सी आवाजें निकालकर à¤à¥€ अपनी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ देते हैं।
शिशà¥à¤“ं को चलने में मदद करने वाले कई खिलौने बाजार में मिल जाते हैं। 8 महीने के शिशॠउसके सहारे चलने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करते हैं।
आगे आप जानेंगे कि माता-पिता को 8 माह के शिशॠके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को लेकर कà¥à¤¯à¤¾ चिंताà¤à¤‚ होती हैं।
8 महीने के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के माता-पिता की आम सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ चिंताà¤à¤‚
शिशॠका शरीर नाजà¥à¤• होता है, जिस कारण उसके जलà¥à¤¦ बीमार होने की आशंका रहती है। à¤à¤¸à¥‡ में जनà¥à¤® से ही उसके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को लेकर माता-पिता का चिंतित रहना आम बात है। यहां हम 8 महीने के शिशॠके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को लेकर होने वाली समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के बारे में बता रहे हैं।
कबà¥à¤œ : अकà¥à¤¸à¤° बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो जाती है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उनका पाचन तंतà¥à¤° कमजोर होता है। इसलिà¤, माता-पिता को शिशॠके खान-पान पर खास धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देना चाहिà¤à¥¤ खासकर, बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को फाइबर यà¥à¤•à¥à¤¤ आहार जैसे – दाल, फलों की सà¥à¤®à¥‚दी व सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ आदि देनी चाहिठ(8)।
रैशेज : 4 से 15 महीने के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में डायपर के कारण रैशेज हो सकते हैं। माता-पिता को उन पर अधिक धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देना चाहिठ(9)।
पानी से बीमारी : शिशॠको नहलाने को लेकर à¤à¥€ माता-पिता चिंतित होते हैं। अगर छोटे बचà¥à¤šà¥‡ को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ ठंडे पानी से नहलाया जाà¤, तो निमोनिया होने का खतरा बॠजाता है। बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ नहलाने और साबà¥à¤¨ लगाने की जरूरत नहीं होती है (10)।
गैस की समसà¥à¤¯à¤¾ : कà¤à¥€-कà¤à¥€ शिशॠको गैस की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। à¤à¤¸à¥‡ में माता-पिता का चिंता करना आम बात है। अगर बचà¥à¤šà¤¾ लगातार रोता रहे या चिड़चिड़ा हो जाà¤, तो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° को दिखाना जरूरी होता है (11)।
टीथिंग की समसà¥à¤¯à¤¾ : कà¥à¤› बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के चार महीने के बाद दांत निकलने शà¥à¤°à¥‚ हो जाते हैं। इस समय बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को चबाने के लिठसॉफà¥à¤Ÿ टॉय दे सकते हैं, लेकिन इस बात का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना जरूरी कि ये खिलौने बचà¥à¤šà¥‡ के अनà¥à¤•ूल होने चाहिà¤à¥¤
आइà¤, हम 8 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ कà¥à¤› और रोचक बातों के बारे में जानते हैं।
बचà¥à¤šà¥‡ की सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾, दृषà¥à¤Ÿà¤¿ और अनà¥à¤¯ इंदà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚
कà¥à¤¯à¤¾ मेरा बचà¥à¤šà¤¾ देख सकता है?
8 महीने के शिशॠके देखने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ काफी विकसित हो जाती है। वह पास और दूर व गतिशील चीजों को आसानी से देख सकते हैं। 8 महीने के शिशॠकिताबों में छपी रंग-बिरंगी फोटो को देखकर खà¥à¤¶ होते हैं (12)।
कà¥à¤¯à¤¾ मेरा बचà¥à¤šà¤¾ सà¥à¤¨ सकता है?
शिशॠमां के गरà¥à¤ से ही सà¥à¤¨à¤¨à¤¾ शà¥à¤°à¥‚ कर देते हैं। उसके सामने जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बोले जाने वाले नाम याद होने लगते हैं। आपके कà¥à¤› à¤à¥€ कहने पर वह पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ देने लगते हैं। 8 महीने के होने पर वह कà¥à¤›-कà¥à¤› शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ का मतलब समà¤à¤¨à¥‡ लगते हैं और दा, बा और गा जैसे शबà¥à¤¦ बोलने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करते हैं (12)।
कà¥à¤¯à¤¾ मेरा बचà¥à¤šà¤¾ सà¥à¤µà¤¾à¤¦ और गंध को पहचान सकता है?
शिशॠजब 8 महीने का होता है, तब वह खाने के सà¥à¤µà¤¾à¤¦ और उसकी गंध को पहचानने लगता है। वह अपनी पसंद और नापसंद चीजें में अंतर करने लगता है (12)।
आगे जानिठशिशॠकी सफाई और सà¥à¤µà¤›à¤¤à¤¾ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ कà¥à¤› मà¥à¤–à¥à¤¯ बातें।
बेबी की सफाई और सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾ का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना
शरीर की सफाई : शिशॠकी शरीर की सफाई गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी से करनी चाहिà¤à¥¤ ठंडे पानी का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने से शिशॠबीमार हो सकते हैं। शरीर की सही समय पर सफाई न करने से उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ घमौरियां हो सकती हैं। शिशॠके चेहरे की सफाई पर माता-पिता को अधिक धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देना चाहिà¤, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वह कà¥à¤› à¤à¥€ खाता है, तो चेहरा गंदा हो जाता है।
कपड़े की सà¥à¤µà¤›à¤¤à¤¾ : शिशॠको पहनाने वाले और उसके बिसà¥à¤¤à¤°à¥‡ में इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² होने वाले कपड़ों को गरम पानी में à¤à¤‚टीसेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• लिकà¥à¤µà¤¿à¤¡ मिकà¥à¤¸ करके धाेना चाहिà¤à¥¤ इससे शिशॠके कपड़े अचà¥à¤›à¥€ तरह साफ हो जाते हैं और संकà¥à¤°à¤®à¤£ का खतरा नहीं रहता।
बचà¥à¤šà¥‡ के खिलौने की सफाई : छोटे बचà¥à¤šà¥‡ खेलते-खेलते खिलौनों को मà¥à¤‚ह में डाल लेते हैं। इसलिà¤, खिलौनों का साफ होना जरूरी है। à¤à¤¸à¤¾ न करने पर खिलौनों पर लगे बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ शिशॠको बीमार कर सकते हैं।
शिशॠके जननांग की सफाई : शिशॠके जननांग की साफ-सफाई à¤à¥€ जरूरी है। इसलिà¤, जब उसका डाइपर चेंज करें, तो हलà¥à¤•े गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी से साफ करें और अचà¥à¤›à¥€ मॉसà¥à¤šà¤°à¤¾à¤‡à¤œà¤° कà¥à¤°à¥€à¤® लगाà¤à¤‚। साथ ही कà¥à¤› देर के लिठउसे खà¥à¤²à¤¾ à¤à¥€ रहने दें, ताकि पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक नमी बनी रहे।
दांतों और मसूड़ों की सफाई: शिशॠके 6 महीने का होने के बाद उसके दांतों और मसूड़ों पर नरम बà¥à¤°à¤¶ या उंगली से बà¥à¤°à¤¶ करना शà¥à¤°à¥‚ करें। अगर उंगली से बà¥à¤°à¤¶ करने का सोच रहे हैं, तो पहले हाथों को अचà¥à¤›à¥‡ से धोà¤à¤‚, फिर बà¥à¤°à¤¶ करें।
इस लेख में आगे जानिठमाता पिता बचà¥à¤šà¥‡ के विकास में कैसे मदद कर सकते हैं।
माता-पिता बचà¥à¤šà¥‡ के विकास में कैसे मदद कर सकते हैं?
बचà¥à¤šà¥‡ के विकास में माता-पिता अहम à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¥‡ हैं। आइà¤, जानते हैं कैसे :
शिशॠके आसपास का माहौल उसके विकास में मà¥à¤–à¥à¤¯ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¤¾ है। इसलिà¤, माता-पिता धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि उनका शिशॠअचà¥à¤›à¥‡ माहौल में बड़ा हो।
शिशॠको अकेले न छोड़ें, उसके साथ अधिक से अधिक समय बिताà¤à¤‚।
शिशॠको खà¥à¤¶ करने के लिठगाने गाà¤à¤‚ और उसे सà¥à¤²à¤¾à¤¤à¥‡ समय लोरी सà¥à¤¨à¤¾à¤à¤‚।
शिशॠको खाने में पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• आहार दें। पोषक ततà¥à¤µ दिमाग के लिठतो लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• होता ही है, साथ ही शारीरिक विकास के लिठà¤à¥€ फायदेमंद होता है।
उसे कà¥à¤› देर खà¥à¤²à¥€ हवा में सैर कराà¤à¤‚ और उसकी उमà¥à¤° के दूसरे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ से उसे मिलाà¤à¤‚।
आगे हम बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के बारे में बताà¤à¤‚गे, जो माता-पिता के लिठचिंता का कारण हो सकते हैं।
8 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के विकास के बारे में माता-पिता को कब चिंतित होना चाहिà¤?
अगर आपको आपके शिशॠमें नीचे दिठगठकोई à¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ दिखाई देते हैं, तो उसे डॉकà¥à¤Ÿà¤° को जरूर दिखाà¤à¤‚ (12)।
अगर आपको शिशॠकी आंखों में किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार की कमी नजर आà¤à¥¤ उदाहरण के लिठदोनों आंखों का सही पà¥à¤°à¤•ार से मूव न करना।
अगर शिशॠदूर की वसà¥à¤¤à¥ या दूर खड़े हà¥à¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को पहचान नहीं पा रहा है। à¤à¤¸à¥‡ में शिशॠको डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास लेकर जाना जरूरी है।
अगर शिशॠकी आंखों के नीचे लालिमा दिखाई दे रही है, तो उसे डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास लेकर जाना चाहिà¤à¥¤
अगर शिशॠरोशनी के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अति संवेदनशील हो जाà¤, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें।
शिशॠका आंखों को अधिक रगड़ना à¤à¥€ आपके लिठचिंता का कारण बन सकता है।
इसके आगे के à¤à¤¾à¤— में शिशॠके लिठकà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤¯à¤¾ जरूरी है इस बारे में जानकारी देंगे।
इस महीने के लिठचेकलिसà¥à¤Ÿ
माता-पिता को शिशॠकी सेहत के लिठचेकलिसà¥à¤Ÿ बनाना à¤à¥€ जरूरी है। इस चेकलिसà¥à¤Ÿ में कà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤¯à¤¾ होना चाहिà¤, आइठहम बताते हैं।
शिशॠका निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ समय पर चेकअप करवाà¤à¤‚।
शिशॠका वजन और लंबाई को नोट करते रहें।
डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह पर दूध के अलावा दिठजाने वाले अनà¥à¤¯ पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• आहार की लिसà¥à¤Ÿ बनाà¤à¤‚।
शिशॠकितने घंटे सो रहा है, नोट करते रहें।
उसे कौन सा टीका कब लगना है, इसे à¤à¥€ नोट करें।
अकà¥à¤¸à¤° पूछे जाने वाले सवाल
कà¥à¤¯à¤¾ 8 महीने का बचà¥à¤šà¤¾ बहà¥à¤¤ देर तक सो सकता है?
हां, 8 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ 24 घंटे में कम से कम 12 से 14 घंटे तक सो सकते हैं। कà¥à¤› बचà¥à¤šà¥‡ इससे à¤à¥€ अधिक या कम सो सकते हैं (7)।
मेरा बचà¥à¤šà¤¾ 8 महीने का है और अà¤à¥€ à¤à¥€ उसका पहला दांत नहीं आया है। कà¥à¤¯à¤¾ यह चिंता का विषय है?
जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का पहला दांत 4 से 7 महीने के बीच आता है। कà¥à¤› बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के दांत आने में समय à¤à¥€ लग सकता है। फिर à¤à¥€ माता-पिता अपने संतà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ के लिठà¤à¤• बार डॉकà¥à¤Ÿà¤° से जरूर इस बारे में पूछ लें (13)।
कà¥à¤¯à¤¾ मैं 8 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ को मांस दे सकती हूं?
हां, आप 8 महीने के शिशॠको मांस खिला सकते है। इस उमà¥à¤° में शिशॠको मांस खिलाना उसके शरीर में पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ की मातà¥à¤°à¤¾ को बà¥à¤¤à¤¾ है। इससे उसके शारीरिक विकास में à¤à¥€ लाठहोता है I फिर à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ को मांस खिलाने से पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° से à¤à¤• बार पूछ लें (6)।
8 महीने के शिशॠके लिठयही समय होता है, जब वह तेजी से नई चीजें सीखना शà¥à¤°à¥‚ करता है। अगर पैरेंटà¥à¤¸ इस वकà¥à¤¤ में शिशॠके विकास में सहà¤à¤¾à¤—ी बनेंगे, तो उसके विकास में और मदद कर सकेंगे। इससे शिशà¥à¤“ं का सही तरीके से विकास हो सकता है, जिससे उसे जीवन में कामयाबी हासिल करने में मदद मिल सकती है। हमें उमà¥à¤®à¥€à¤¦ है कि इस आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल में 8 माह के बचà¥à¤šà¥‡ के विकास से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ जानकारी से आपको मदद मिलेगी।
| --------------------------- | --------------------------- |